PM E-DRIVE 2026 योजना में हुए बदलाव, सरकार ने बदला सब्सिडी का नियम, बजट खत्म होते ही बंद हो जाएगी स्कीम
इलेक्ट्रिक वीकल्स को आने वाले समय में इलेक्ट्रिक का अच्छा और सस्ता उपकरण माना जा रहा है। औक्सिनिंग कास्ट कम होती है, जिससे आम आदमी के लिए इसका इस्तेमाल सस्ता हो जाता है। इसके साथ ही रंगीन रंगीन भी नहीं होता, इसलिए यह पर्यावरण के लिए भी अच्छा होता है। सरकार भी इलेक्ट्रिक एसोसिएट्स को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है और इस पर भी विचार कर रही है। भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक सामान को बढ़ावा देने वाली अपनी पीएम ई-ड्राइव योजना की शुरुआत की और समय-सीमा में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब इलेक्ट्रिक एल्युमीनियम पर लोगों के लिए रियायती कार्रवाई जल्द होगी। इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक टु-अचेचर और थ्री-चार्चर्स को न्यूनतम लाभ दिया जाता है। आइए इसमें आपको बदलावों के बारे में विस्तार से नोट्स दिए गए हैं।

सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोग अपने पुराने पेट्रोल-डीजल कंसल्टेंसी को छोड़कर इलेक्ट्रिक वेक्सल्स की तरफ से नए इलेक्ट्रिक वेक्सल्स लॉन्च करें। बाज़ार में इलेक्ट्रिक ड्राइवरों के साथ ही इलेक्ट्रिक टू-चाचर और तीन-चाचर भी मौजूद होते हैं। इसके साथ इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल भी जुड़े हुए हैं। पीएम ई-ड्राइव योजना का बजट 10,900 करोड़ रुपये है। इस योजना का मकसद इलेक्ट्रिक टू- असेंकर (स्कूटर/बाइक) और थ्री- असेंकर (ऑटो/ई- सर्किट) की बिक्री तेजी से करना है।
सरकार ने इलेक्ट्रिक एलेक्जेंड्रा के लिए अंतिम तिथि तय कर दी है। यदि आप लिमिटेड का किराया लेना चाहते हैं, तो आपके इलेक्ट्रिक टू-चादर (स्कूटर/बाइक) का नामांकन 31 जुलाई 2026 से पहले होना चाहिए। वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-चाचर (ई-कैचर/ई-कार्ट) के लिए 31 मार्च 2028 तक की तारीख तय कर दी गई है। यदि आप इन तारीखों के बाद गाड़ी का पंजीकरण कराते हैं, तो आपको कोई सीमा नहीं मिलेगी।
हर इलेक्ट्रिक गाड़ी पर रियायती मूल्य नहीं। सरकार ने इसके लिए मुख्य कीमत भी तय की है। इलेक्ट्रिक टू-एस्कर की एक्स-शोरूम कीमत 1.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-चादर का एक्स-शोरूम प्राइस 2.5 लाख रुपये तक ही होना चाहिए। यदि गाड़ी की कीमत अधिक हो गई, तो उस पर कोई सरकारी छूट नहीं मिलेगी।
यह योजना पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर है। भारी उद्योग मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि योजना का कुल बजट 10,900 करोड़ रुपये है। अगर यह पैसा 31 मार्च 2028 से पहले ही खत्म हो गया है, तो स्कॉच को समय से पहले बंद कर दिया जाएगा। बजट समाप्त होने के बाद कोई भी नया क्लेम स्वीकार नहीं किया जाएगा।
योजना के तहत इलेक्ट्रिक थ्री- अस्कर की एक खास श्रेणी (एल5 क्लास क्लास) का लक्ष्य पहले ही पूरा हो चुका है। इसलिए इसे 26 दिसंबर 2025 को ही बंद कर दिया गया है। अगर आप नया इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक या ई-टिकट का प्लान ले रहे हैं तो देर न करें। लाभ का लाभ उठाने के लिए आपको जल्दी करना होगा।