फसल बीमा योजना: 31 मार्च तक सर्वे पूरा, किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप रॉयल ने बीमा निगम को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 31 मार्च तक प्रभावित वृश्चिक सर्वेक्षण का कार्य हर हाल में पूरा करें।

मंत्री ने हाल ही में हुई बेमौसम बारिश, तूफान और प्रतिकूल मौसम से गहरी चिंता के समुद्र को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सर्वे में किसी भी तरह का कोई प्रावधान नहीं किया जाएगा और देर करने वाली संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित किसानों को जल्द मिलेगी राहत
कृषि मंत्री ने बताया कि अप्रैल के पहले सप्ताह में सर्वेक्षण रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर वास्तविक क्षति का आकलन कर किसानों को शहीद कर दिया गया। उन्होंने मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त को निर्देश दिया कि जिला पंचायत के माध्यम से सर्वेक्षण कार्य की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाये, ताकि इस प्रक्रिया में सहायक बनी रहें और किसानों को समय पर राहत मिल सके।
वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश के 67.52 लाख किसानों को कुल 5660.33 करोड़ रुपये का उत्पादन मिला है। 2025 सीज़न में 20.68 लाख किसानों का बीमा हुआ, जिसमें 5.39 लाख किसानों का 532.17 करोड़ रुपये शामिल थे। वहीं रबी 2025-26 सीजन में अब तक 18.78 लाख किसानों का बीमा भुगतान हो चुका है। इस दौरान किसानों ने प्रीमियम के रूप में 136.67 करोड़ रुपये जमा किये, जबकि राज्य और केंद्र सरकार ने भी बराबर का अंशदान दिया है।
इसमें शामिल किया गया
रबी सीजन के अंतर्गत टमाटर, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी और आलू जैसी प्रमुख सब्जियों को बीमा योजना में शामिल किया गया है। इसके अलावा मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत किसानों को भी कवर किया जा रहा है। राबी 2025 में केला, पान और काली मिर्च की फसलें शामिल हैं, जबकि रबी 2025-26 में मटर, टमाटर, साबुत मिर्च और आम की सब्जियों का बीमा किया गया है।
खेती किसानी पर भी मिल रहा लाभ
सरकार द्वारा संचालित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत अब तक 0.35 लाख किसानों को 29.01 करोड़ रुपये का उत्पादन दिया जा चुका है। इससे साफ है कि सरकार न केवल पारंपरिक मौसमी वनस्पतियों को भी सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मित्रता पर जोर, क्लेम प्रक्रिया होगी आसान
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप रॉयल नेटिव अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बीमा क्लेम प्रक्रिया को पूरी तरह से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए आवश्यक कदम उठाएं। बैठक में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, कृषि निदेशक डाॅ. पंकज त्रिमूर्ति सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अप्रैल के पहले सप्ताह से पासपोर्ट वितरण की प्रक्रिया तेज
31 मार्च तक सर्वे पूरा होने के बाद अप्रैल के पहले सप्ताह से राशन वितरण की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इस बार किसानों को राहत में देरी नहीं की जाएगी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सर्वेक्षण और वैज्ञानिक के संबंध में पूछे जाने वाले प्रश्न जाने वाले प्रश्न और उनके उत्तर (FAQ)
प्रश्न 1. वित्तीय बीमा योजना के तहत सर्वेक्षण कब तक पूरा होगा?
उत्तर: यूपी सरकार ने बीमा निगम को 31 मार्च तक सर्वेक्षण कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
प्रश्न 2. किसानों को सचिवालय कब मिलेगा?
उत्तर:अप्रैल के पहले सप्ताह में सर्वेक्षण रिपोर्ट की समीक्षा के बाद वोट वितरण शुरू होने की संभावना है।
प्रश्न 3. सर्वेक्षण में देरी होने पर क्या कार्रवाई होगी?
उत्तर: कृषि मंत्री ने साफ कहा कि बीमा में देरी या कटौती करने वाली कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्न 4. किन किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा?
उत्तर: जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा कराया है, वे इस योजना के पात्र होंगे।
प्रश्न 5. किन बिज़नेस को बीमा योजना में शामिल किया गया है?
उत्तर: रबी सीजन में मटर, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों, अलसी और आलू शामिल हैं, जबकि बागवानी में मटर, टमाटर, आलू और आम को शामिल किया गया है।
प्रश्न 6. किस प्रकार के पौधे को भी वैज्ञानिक कहा जाता है?
उत्तर: हां, मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत कृषकों को भी कवर किया गया है और किसानों को भी शामिल किया जा रहा है।
प्रश्न 7. अब तक किसानों का खाता कैसे खोला गया?
उत्तर: वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक 67.52 लाख किसानों को कुल 5660.33 करोड़ रुपये का उत्पादन मिला है।
प्रश्न 8. फसल बीमा क्लेम प्रक्रिया कैसे होगी?
उत्तर: सरकार ने निर्देश दिए हैं कि क्लेम प्रक्रिया को पूरी तरह से लागू किया जाए और आसान बनाया जाए, ताकि किसानों को बिना किसी परेशानी के भुगतान मिल सके।