Cg bhumihin yojana online apply छत्तीसगढ़ के 4.95 लाख भूम‍िहीन मजदूरों के खाते में आए 10-10 हजार, ऐसे चेक करें स्टेटस

Cg bhumihin yojana online apply छत्तीसगढ़ के 4.95 लाख भूम‍िहीन मजदूरों के खाते में आए 10-10 हजार, ऐसे चेक करें स्टेटस

छत्तीसगढ़ के किसानों को 13 मार्च को केंद्र सरकार की ओर से किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त के रूप में 2-2 हजार रुपये की छूट मिली थी। आज 25 मार्च को प्रदेश की भूमिहीन किसान मूर्तियों को बड़ी आजादी मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 4.95 लाख किसान परिवारों के कल्याण योजना के तहत 10-10 हजार रुपये की पेशकश की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रविवार को बलौदा बाजार से 4.95 लाख से अधिक जमीन, कृषि उद्यमियों के शेयरों में पैसा जमा किया है। पितृभूमि पर हर साल 10 हजार रुपये दिए जाते हैं। इस बार इस योजना में 4.95 लाख परिवारों को लाभ दिया गया है।

क्या है ये योजना
आदर्श उपाध्याय भूमि, कृषि श्रमिक कल्याण योजना छत्तीसगढ़ सरकार की योजना है। इस योजना का मूल उद्देश्य भूमिहीन कृषि किसानों को भी आर्थिक रूप से मदद देना है। इस योजना के लिए 562 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था। हालांकि इस साल बजट में यह लगभग 600 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस योजना के तहत रजिस्टर्ड अकाउंट को साल में एक बार एकमुश्त 10,000 रुपये दिए गए हैं। इस योजना में केवल किसान उद्यमियों के लिए अनुमति है, जिनके पास अपनी जमीन नहीं है और भूखंडों की जमीन पर खेती की अनुमति है।

कैसे जानें
अगर आपके खाते में पैसा नहीं आया है तो आप निवेशक पोर्टल पर निवेशक स्थिति की जांच कर सकते हैं। इसके लिए आपको सूचीबद्घ पोर्टल राजस्व.cg.nic.in/ddubkmky/info.aspx पर जाना होगा। इसके बाद ‘पंजियन विवरण’ पर क्लिक करें। अब आपको ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में से चयन करना है। आप जिस क्षेत्र से हैं, उसे चुनें। इसके बाद आप अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, नाम, मोबाइल या आधार नंबर से सर्च कर सकते हैं। अगर आप नाम से सर्च कर रहे हैं तो अपने जिले का नाम, तहसील और फिर गांव का नाम चुनें। इसके बाद अपना नाम भरें, आपको जानकारी मिलेगी।

किस जिले से सबसे अधिक श्रमिक
इस योजना के अंतर्गत सबसे ज्यादा लाभार्थी रायपुर जिले के हैं। इस जिले के 53,388 कृषि उद्यमियों के खाते में पैसा भेजा गया है। इसके बाद बिलासपुर की 39,401 मूर्तियों को 10-10 हजार रुपये की छूट मिली। इस योजना में कृषि वैज्ञानिक के साथ जंगल में काम करने वाले भूमिहीन परिवार, चरवाहे, बढ़ई, लोहार, मोची, नाइ, धोबी भी शामिल हैं। यही नहीं पुजारी, बाघा, गुनिया और मित्र परिवार को भी इस योजना का लाभ मिल रहा है

Leave a Comment