MP ग्रीन पावर स्टेट की ओर; किसानों को 2.40 रुपये यूनिट में सोलर बिजली, 8 लाख सोलर पंप होंगे चालू

MP ग्रीन पावर स्टेट की ओर; किसानों को 2.40 रुपये यूनिट में सोलर बिजली, 8 लाख सोलर पंप होंगे चालू

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना एमपी: मध्य प्रदेश में किसानों के लिए सस्ता और भरोसेमंद बिजली उत्पादन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM मोहन यादव) ने कहा है कि सूर्य मित्र कृषि उद्यम योजना के तहत प्रदेश में 4 हजार मेगावॉट से अधिक क्षमता की सौर ऊर्जा स्थापित करने का लक्ष्य है।

इससे करीब 8 लाख कृषि पंप (कृषि सौर पंप योजना) सीधे सौर ऊर्जा से संचालित हो सकती है। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में सोमवार को विद्युत् क्रीड़ा अनुबंध के तहत किसानों की खरीद-फरोख्त की गई। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की कृषि एवं ऊर्जा नीति के समन्वय के अहम बदलाव के बारे में बताया।

2.40 से 2.85 रुपये यूनिट में बिजली
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस योजना के तहत बिजली 2.40 से 2.85 रुपये प्रति यूनिट की दर पर उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 12 हजार मेगावॉट से अधिक नवकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है और मध्य प्रदेश में नये कोयला संयंत्रों से केवल बिजली की स्थिति ही नहीं है, बल्कि ग्रीन पावर राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ोतरी हो रही है।

2026 को कृषि वर्ष कल्याण का संकल्प
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से वर्ष 2026 को ‘कृषि कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में सूर्य मित्र कृषि योजना एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विभिन्न उद्यमों के किसानों को मिला अनुबंध
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नागालैंड, खरगोन, मसा, मंदसौर और राजगढ़ सहित अन्य पुर्तगाल के किसानों को विद्युत विक्रय अनुबंध अनुबंध प्रदान किया। इनमें रियाल की संस्कृति आर्य, खरगोन के बृजमोहन शर्मा, मुजफ्फरनगर के नागेंद्र सिंह चौहान, मंदसौर के निशांत सोनी और राजगढ़ की सीमा सहित अन्य किसान शामिल रहे।

ऊर्जा सुरक्षा जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल स्पेक्ट्रम पर नजर रखना देश और प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना जरूरी है। उन्होंने सौर ऊर्जा को भविष्य की जरूरतों के बारे में बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इस सोच का मतलब है कि देश में अक्षय ऊर्जा पर लगातार निवेश हो रहा है।

ऊर्जा निगम 44 साल बाद मुनाफ़ा में
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। वहीं अपर मुख्य सचिव मनुश्री ने जानकारी दी कि ऊर्जा विकास निगम 44 साल बाद लाभ की स्थिति में आया है। उन्होंने बताया कि मुरैना में विकसित हो रहे प्रदेश की पहली योजना में पावर का टैरिफ 2.70 रुपए प्रति यूनिट प्राप्त हुआ है, जो अब तक का सबसे कम है।

रूफटॉप अखंड युगल की अपील
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने प्रदेशवासियों से अपने घरों की छतों पर अपोलो रूफटॉप सिस्टम बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे न केवल बिजली बिल घटेगा, बल्कि प्रदेश की ऊर्जा ऊर्जा में भी सहयोग जरूरी है।

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